मुंबई: लॉकडाउन के बाद भारतीय रिजर्व बैंक ने अर्थव्यवस्था को संकट से उबारने के लिए ब्याज दरों में भारी कटौती की है. इससे कर्ज बोझ से दबे कारोबारियों और व्यक्तिगत ऋणधारकों को तो कुछ राहत मिली है, लेकिन उन निवेशकों को नुकसान होने लगा है, जो अपनी बचत को बैंकों की सावधि जमा योजनाओं (एफडी) में निवेश कर आय अर्जित करते हैं. ऐसे में ये निवेशक सुरक्षित निवेश के दूसरे विकल्पों की तलाश में हैं. इनके लिए डाकघर की लघु बचत योजनाएं यानी इंडिया पोस्ट स्माल सेविंग स्कीम्स एक सबसे सुरक्षित विकल्प हैं. हालांकि पूरे देश में ब्याज दरें घटने के कारण इंडिया पोस्ट की दरें भी कम हुई हैं, लेकिन इसके बावजूद अब भी बैंकों की तुलना में इंडिया पोस्ट अपनी स्कीमों में 1.40% तक अधिक रिटर्न दे रहा है.
लगभग सभी सार्वजनिक और निजी बैंकों की जमा ब्याज दरें मात्र 3.5% से 6.20% तक के न्यूनतम स्तर पर आ गई है. एसबीआई 6 माह से लेकर 10 साल के लिए विभिन्न अवधि की डिपॉजिट पर न्यूनतम 4.4% और अधिकतम 5.40% ब्याज दे रहा है. हालांकि वरिष्ठ नागरिकों के लिए एसबीआई 50 से 80 बेसिस पाइंट तक अधिक रिटर्न देता है. इसी तरह आईसीआईसीआई बैंक 3.5% से लेकर 5.5% ब्याज दे रहा है और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 80 बेसिस पाइंट तक अधिक ब्याज देय है. एचडीएफसी बैंक भी 6 माह से लेकर 10 साल के लिए विभिन्न अवधि की जमाओं पर न्यूनतम 4.4% और अधिकतम 5.40% ब्याज दे रहा है. वरिष्ठ नागरिकों को उनकी जमा पर एचडीएफसी 75 बेसिस पाइंट तक अधिक ब्याज देता है.

