पुर्तगाल ने भारत को एक वैश्विक ‘आर्थिक और सामाजिक’ शक्ति क़रार दिया

मुंबई: भारत को एक वैश्विक ‘आर्थिक और सामाजिक’ शक्ति करार देते हुए पुर्तगाल के राष्ट्रपति मार्सेलो रिबेलो डिसूजा ने शनिवार को कहा कि उनका देश अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में दोनों देशों की विशेषज्ञताओं के साझा उपयोग को प्राथमिकता देना चाहता है।

भारत यात्रा पर आए डिसूजा ने यहां शीर्ष उद्योगमंडलों भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई), एसोचैम और फिक्की द्वारा ‘भारत-पुर्तगाल व्यापार मंच’ के बैनर तले आयोजित दोनों देशों के उद्यमियों की बैठक को संबोधित किया। इस बैठक में पुर्तगाल के विदेश मंत्री अगस्तो सैंटोस सिल्वा, पुर्तगाल गणराज्य के अंतराष्ट्रीयकरण विभाग के मंत्री यूरिको ब्रिलहांते डायस, केंद्रीय रेल और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भी शामिल हुए।

डिसूजा ने कहा, ‘‘हमारी प्राथमिकता अब आपकी और अपनी विशेषज्ञता के साझा इस्तेमाल की है। यही सही समय है। भारत एक वैश्विक शक्ति है। यह एक वैश्विक आर्थिक शक्ति, सामाजिक शक्ति है। यह दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। यह एक विश्वसनीय सहयोगी है।’’ उन्होंने कहा कि आर्थिक द्विपक्षीय संबंधों में कारोबारी समुदाय की अहम भूमिका होती है, क्योंकि राजनेताओं का काम सिर्फ व्यवस्था बनाना सकते हैं रास्ते तैयार कर सकते हैं लेकिन अर्थ और कारोबार में दैनिक आधार पर काम नहीं कर रहे होते हैं।

डिसूजा ने कहा कि शुक्रवार को पुर्तगाल के व्यापार प्रतिनिधिमंडल के साथ उन्होंने रियल एस्टेट और बुनियादी विकास जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर बातचीत की है। उन्होंने गोवा में सुझाव दिया था कि दोनों देशों के बीच पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार-सरकार के बीच साझेदारी होनी चाहिए। गोयल ने कहा, ‘‘मेरा विश्वास है कि यदि हम दोनों मिलकर साथ काम करें तो गोवा में एक छोटा पुर्तगाल विकसित कर सकें। हम इसे दुनियाभर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना सकते हैं।’’

कार्यक्रम में पुर्तगाल के विदेश मंत्री सिल्वा ने कहा, ‘‘ मैं कहना चाहूंगा कि हमारे संबंधों का परिदृश्य बहुत सकारात्मक है। हमारे ऐतिहासिक और राजनीतिक संबंध रहे हैं। इसके बावजूद दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को बड़ा करने की गुंजाइश है। हमें अपने द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना और तिगुना करना है और इसके लिए सालों की गिनती आज से ही शुरू कर देनी चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि दोनों देशों की कंपनियों का एक-दूसरे के यहां निवेश सुधर रहा है। लेकिन हमें और अधिक निवेश करने की जरूरत है।

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