जेफरीज इंडिया ने लगभग दो-तिहाई कंपनियों के लिए वित्त वर्ष 25 की आय अनुमानों को कम कर दिया है। नोट में कहा गया है कि आय में गिरावट अर्थव्यवस्था में चक्रीय मंदी का परिणाम है, जिसके परिणामस्वरूप कवरेज के तहत आने वाली 121 कंपनियों में से 63% के लिए वित्त वर्ष 25 के ईपीएस अनुमानों में कटौती हुई है । Jefferies India ने अब निफ्टी 50 कंपनियों की इनकम में FY 25 के लिए केवल 10% की वृद्धि का अनुमान लगाया है।
बता दें कि ग्लोबल फण्ड हॉउसों ने अक्टूबर में लगभग 11 बिलियन डॉलर के शेयरों की बिकवाली की जिसके परिणामस्वरूप पिछले महीने निफ्टी 50 6.2% लुढ़क गया। ट्रम्प की जीत से भी एशियाई इक्विटी बाजारों पर दबाव पड़ने की आशंका है, साथ ही चीन के बारे में अनिश्चितता भी बढ़ती जा रही है। चीन के शीर्ष विधायी निकाय ने शुक्रवार को स्थानीय निकाय सरकारों के लिए ऋण सीमा बढ़ाने के लिए कुछ उपाय किए, ताकि कुछ इकनोमिक पॅकेज दिए जा सकें, लेकिन किसी भी स्टिमुलस पैकेज की घोषणा करने से परहेज किया।
एक विश्लेषण से भी पता चला है कि सितंबर तिमाही के नतीजों की रिपोर्ट करने वाली एनएसई 200 कंपनियों में से 143 के लिए वित्त वर्ष 25 के ईपीएस अनुमानों में से 86 के लिए डाउनग्रेड देखा गया है। स्टील, ऊर्जा और बिजली कंपनियां इस सूची में अग्रणी नामों में से हैं, जिन्होंने पिछले एक महीने में पूरे साल के ईपीएस अनुमानों में तेज गिरावट देखी है। गोल्डमैन सैक्स ने भी पिछले महीने भारत के प्रति ओवरवेट से तटस्थ रुख अपनाया था, क्योंकि उसने धीमी आर्थिक वृद्धि और उच्च मूल्यांकन को मुख्य चिंता बताया था।

