नई दिल्ली: ICICI बैंक की पूर्व सीईओ चंदा कोचर के पति और बिजनेसमेन दीपक कोचर को एक विशेष कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 19 सितंबर तक प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कस्टडी में भेज दिया है. दीपक कोचर को ICICI Bank-Videocon मनी लॉन्ड्रिंग जांच मामले में सोमवार को गिरफ्तार किया गया था. जांच एजेंसी के अधिकारियों ने कहा था कि एजेंसी दीपक कोचर के इस मामले में कुछ नए साक्ष्यों के बारे में अपनी कस्टडी में लेकर पूछताछ करना चाहती है. पिछले साल जनवरी में कोचर के खिलाफ एंटी मनी लॉन्ड्रिंग कानून की आपराधिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था.
ईडी ने यह कार्रवाई 2012 में दिए गए लोन मामले की है. दरअसल, 2012 में वीडियोकॉन ग्रुप के प्रमुख वेणुगोपाल धूत को ICICI बैंक की ओर से 3250 करोड़ रुपये का लोन दिया गया था. यह लोन कुल 40 हजार करोड़ रुपये का एक हिस्सा था जिसे वीडियोकॉन ग्रुप ने SBI के नेतृत्व में 20 बैंकों से लिया था. कोचर और उनकी पत्नी व आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व सीईओ चंदा कोचर और वीडियोकॉन ग्रुप के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत मनी लॉड्रिंग मामले में मुख्य आरोपी हैं. ईडी के वकील एडिशनल सॉलीसीटर जनरल अनिल सिंह ने कोचर की कस्टडी की मांग की. उनका कहना था कि कोचर जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं.
ईडी की जांच से सामने आया कि जब चंदा कोचर ICICI बैंक से जुड़ी थीं, उस वक्त उनकी अध्यक्षता वाली एक कमेटी द्वारा वीडियोकॉन इंटरनेशनल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड को मंजूर किए गए 300 करोड़ रुपये के लोन में से वीडियोकॉन ने 64 करोड़ रुपये न्यूपावर रिन्युएबल्स प्राइवेट लिमिटेड को 8 सितंबर 2009 को ट्रांसफर किए. ऐसा ICICI बैंक से लोन डिस्बर्स होने के दूसरे ही दिन किया गया.

