कोरोना महामारी का असर रीयल एस्टेट पर गहरे रूप में पड़ा है. एक रिपोर्ट के मुताबिक वैश्विक स्तर पर लग्जरी रेजिडेंशियल प्रॉपर्टीज के भाव में सालाना बढ़ोतरी के मामले में बेंगलूरु चार स्थान नीचे खिसक गया है जबकि दिल्ली और मुंबई भी एक-एक स्थान नीचे खिसक गए हैं. यह रिपोर्ट रीयल एस्टेट कंसल्टेंट Knight Frank ने तैयार किया है. नाईट फ्रैंक की ‘Prime Global Cities Index Q1 2021’ रिपोर्ट के मुताबिक बेंगलूरु चार स्थान नीचे खिसकर वैश्विक स्तर पर 40वें स्थान पर खिसक गया है. नई दिल्ली और मुंबई की स्थिति में भी गिरावट आई है लेकिन ये बेंगलूरु से ऊपर हैं. रिपोर्ट के मुताबिक लग्जरी रेजिडेंशियल प्रॉपर्टीज के भाव में सालाना बढ़ोतरी के मामले में वैश्विक स्तर पर दिल्ली 32वें और मुंबई 36 वें स्थान पर है.
प्राइम रेजिडेंशियल प्रापर्टी का अर्थ किसी लोकेशन में स्थित ऐसी प्रॉपर्टी है जो उस लोकेशन पर सबसे महंगी और सबसे अधिक उसकी मांग हो. वैल्यू के आधार पर आमतौर पर किसी मार्केट में टॉप 5 फीसदी को प्राइम रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी माना जाता है.
इस साल 2021 की पहली तिमाही जनवरी-मार्च 2021 में बेंगलूरु में प्राइम रेजिडेंशियल प्राइसेज में सालाना आधार पर 2.7 फीसदी की गिरावट आई. इसी अवधि में नई दिल्ली में प्राइम रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी की कीमतें 0.2 फीसदी गिरकर 33,572 रुपये प्रति वर्ग फुट रह गया. देश की आर्थिक राजधानी की बात करें तो यहां भी सालाना आधार पर प्राइम रेजिडेंशियल मार्केट के भाव 1.5 फीसदी गिरकर 63,758 रुपये प्रति वर्ग फुट रह गए.
नाईट फ्रैंक इंडिया के सीएमडी शिशिर बैजल के मुताबिक 2021 की पहली तिमाही में भारत में प्राइम रेजिडेंशियल प्रॉपर्टीज की कीमतों में गिरावट की मुख्य वजह कोरोना महामारी की दूसरी लहर की आशंका, कैपिटल मार्केट्स में हाई लिक्विडिटी और सप्लाई का बैकलॉग है.

