नई दिल्ली: इंडियन इकॉनमी को लेकर रेटिंग एजेंसी इक्रा ने जो रिपोर्ट जारी की है वह भयावह है। उसका अनुमान है कि कोरोना के कारण चालू वित्त वर्ष (2020-21) में भारत की जीडीपी में 9.5 फीसदी की भारी गिरावट आ सकती है।
कोरोना महामारी के कारण देश की इकॉनमी पर कितना बुरा असर हुआ है इसका अभी ठीक-ठीक अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है। हालांकि स्थिति की गंभीरता का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि तमाम रेटिंग एजेंसियां जीडीपी में गिरावट (GDP Contraction) के अनुमान को बढ़ाती जा रही हैं। इसमें IMF भी शामिल है। घरेलू रेटिंग एजेंसी ICRA का मानना है कि वित्त वर्ष 2020-21 में जीडीपी में 9.5 फीसदी तक की गिरावट आएगी।
रेटिंग एजेंसी इक्रा के अनुसार 2020-21 में जीडीपी में 9.5 प्रतिशत की गिरावट आएगी जबकि पूर्व में 5 प्रतिशत गिरावट का अनुमान जताया गया था। उसका कहना है कि कुछ राज्यों में ‘लॉकडाउन’ जारी रहने से मई और जून में शुरू हुई आर्थिक सुधार की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। ज्यादातर विश्लेषकों का अनुमान है कि देश के जीडीपी में 5 से 6.5 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है।

