नयी दिल्ली: घरेलू वाहन कंपनियों के संगठन सियाम के मुताबिक 20 अप्रैल के बाद घरेलू आर्थिक गतिविधियों को आंशिक रूप से दोबारा शुरू करने में सबसे बड़ी दिक्कत मजदूरों की उपलब्धता में आएगी।
इसके अलावा पूरी तरह से आपूर्ति श्रृंखला का परिचालन सुनिश्चित करना भी एक बड़ी बाधा है।सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चर्स (सियाम) के अध्यक्ष राजन वढेरा ने एक बयान में कहा कि वाहन डीलरों के बंद होने समेत विभिन्न चुनौतियों के बावजूद वाहन उद्योग फिर से परिचालन शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए कारखानों में व्यापक सुरक्षा उपाय भी अपनाए जाएंगे।
उनका यह बयान देश में आर्थिक गतिविधियों को आंशिक रूप से शुरू किए जाने और कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के गृह मंत्रालय के हालिया दिशानिर्देशों पर आया है। उन्होंने कहा, ‘‘ हमारे अधिकतर मूल कलपुर्जा निर्माता (ओईएम) नगर निकायों की सीमा से बाहर ग्रामीण इलाकों में या औद्योगिक शहरों या क्षेत्रों में परिचालन कर रहे हैं। वह स्थानीय जिला प्रशासनों और राज्य सरकारों से संपर्क कर रहे हैं कि किस तरह 20 अप्रैल के बाद परिचालन शुरू किया जा सकता है।’’

