डिटर्जेंट ब्रैंड सर्फ एक्सेल हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) का टॉप ब्रैंड बन गया है। HUL ने बीते वर्ष में 5,000 करोड़ रुपये से अधिक की सालाना बिक्री दर्ज की। इसी के साथ यह हिंदुस्तान यूनिलीवर का पहला ऐसा ब्रांड बन गया, जिसने सेल्स में 5,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया है। HUL ने डिटर्जेंट मार्केट में प्रीमियम प्रॉडक्ट्स पर जोर देना शुरू किया है।
नीलसन के डेटा का हवाला देते हुए इंडस्ट्री एग्जिक्यूटिव्स ने बताया कि सर्फ ने 2019 में 5,375 करोड़ रुपये की रेकॉर्ड सेल्स दर्ज की। उसका मार्केट शेयर 17.9 पर्सेंट रहा। HUL के कुल रेवेन्यू में इसकी हिस्सेदारी करीब 14 पर्सेंट रही। कंपनी की लॉन्ड्री सेगमेंट सेल्स में इसका हिस्सा 45 पर्सेंट रहा। नीलसन ने खबर पर कमेंट करने से मना कर दिया।
HUL के लॉन्ड्री पोर्टफोलियो में व्हील ब्रांड लंबे समय से आगे रहा है। हालांकि, बीते वर्ष सर्फ ने इस सेगमेंट में अपना दबदबा बढ़ाया है। HUL ने मार्केट शेयर पर कमेंट करने से मना कर दिया।
डिटर्जेंट कैटिगरी में सर्फ पहले मार्केट लीडर था, फिर 1985 में निरमा ने इससे बादशाहत छीन ली थी। उसके बाद HUL ने सस्ते दाम वाले व्हील को मार्केट में उतारा, ताकि नए प्रतिद्वंद्वी का मुकाबला किया जा सके। व्हील ने 90 के दशक से लेकर 2012 तक मार्केट पर राज किया, लेकिन उस साल कानपुर की RSPL के घड़ी ब्रांड ने उसे पछाड़ दिया।
सर्फ तेजी से घड़ी और उसके बीच का अंतर घटा रहा है। उसने बीते दो वर्षों में अपने मार्केट शेयर में 1.8 पर्सेंटेज पॉइंट की बढ़त की है। वहीं 2019 में घड़ी का शेयर 5,756 करोड़ रुपये की बिक्री के साथ 19.2 पर्सेंट पर स्थिर रहा।

