आगरा, 27 अप्रैल, 2026: फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पीटल, ओखला ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), आगरा के साथ मिलकर रोबोटिक-एडेड एडवांस्ड कार्डियो थोरेसिक वास्क्युलर सर्जरी (सीटीवीएस) एंड यूरोलॉजी पर फेयरफील्ड बाय मैरियट, आगरा में मेडिकल एक्सीलेंस प्रोग्राम का आयोजन किया। इस प्रोग्राम में आगरा शहर समेत आसपास के कई विशेषज्ञों एवं हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स ने हिस्सा लिया तथा आधुनिक चिकित्सा में रोबोटिक-एसिस्टेड एवं मिनीमॅली इन्वेसिव तकनीकों की भूमिका पर गहन विचार-विमर्श किया। इस सत्र के दौरानसर्जिकल सटीकता को बढ़ाने और मरीजों के लिए बेहतर नतीजे जैसे कि कम शारीरिक पीड़ा, अपेक्षाकृत कम जटिलतााएं, और त्वरित रिकवरी सुनिश्चित करने में इन उन्नत तकनीकों की भूमिका को रेखांकित किया गया। साथ ही, उन्नत गुणवत्ता और मरीज-केंद्रित देखभाल प्रदान करने के लिए निरंतर सीखते रहने और परस्पर सहयोगी दृष्टिकोण अपनाने पर भी जोर दिया गया।
इस सत्र का नेतृत्व, डॉ ऋत्विक राज भुयान, डायरेक्टर, कार्डियो थोरेसिक वास्क्युलर सर्जरी एंड लीड, मिनीमॅली इन्वेसिव एंड रोबोटिक कार्डियाक सर्जरी ने डॉ पंकज पंवार, एडिशनल डायरेक्टर, किडनी ट्रांसप्लांट एंड रोबोटिक यूरोलॉजी के साथ मिलकर किया। ये दोनों फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पीटल, ओखला, नई दिल्ली से संबद्ध हैं जो कि एडवांस कार्डियाक, यूरोलॉजिकल, एवं मिनीमॅली इन्वेसिव सर्जिकल केयर का अग्रणी केंद्र है। सत्र के दौरान, कार्डियाक और यूरोलॉजिकल विशेषज्ञताओं के क्षेत्रों में सटीकता पर जोर देते अधिक सटीक, कुशल एवं मरीज-केंद्रित उपचार प्रक्रियाओं में अत्याधुनिक, तकनीक आधारित दृष्टिकोणों को अपनाने पर जोर दिया गया।
श्री भुयान ने ‘मिनीमॅली इन्वेसिव एंड रोबोटिक कार्डियाक सर्जरी – आवर एक्सपीरियेंस एट फोर्टिस एस्कॉर्ट्स’ विषय पर अपने विचार रखते हुए, जटिल हृदय प्रक्रियाओं में रोबोटिक-एसिस्टेड तकनीकों को अपनाने में फोर्टिस एस्कॉर्ट्स ओखला की क्लीनिकल विशेषज्ञता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की तकनीक उन्नत सर्जिकल सटीकता, अपेक्षाकृत कम ऑपरेटिव ट्रॉमा, अस्पताल में कम समय तक रुकना, और सर्जरी के उपरांत शीघ्र रिकवरी जैसे लाभ दिलाती है, जिससे मरीजों को बेहतर परिणाम मिलते हैं।
डॉ पंवार ने “पेनलैस हेमट्यूरिया: डोन्ट मिस ब्लैडर कैंसर” तथा “लिविंग डोनर किडनी ट्रांसप्लांटः सर्जिकल सेफ्टी फॉर डोनर एंड रेसिपिएंट” विषरू पर आधारित सत्र को संबोधित किया। उन्होंने यूरोलॉजिकल कैंसर के शुरुआती लक्षणों के महत्व को रेखांकित करते हुए रोबोटिक यूरोलॉजी एवं ट्रांसप्लांट सर्जरी में हुई प्रगति पर विस्तार से जानकारी दी। इन नवीनतम घटनाक्रमों से सर्जिकल सुरक्षा बढ़ी है, जटिलताओं में कमी आयी है और डोनर तथा रेसिपिएंट दोनों की ही रिकवरी में सुधार हुआ है।
इस बारे में, डॉ ऋत्विक राज भुयान, डायरेक्टर, कार्डियो थोरेसिक वास्क्युलर सर्जरी एंड लीड, मिनीमॅली इन्वेसिव एंड रोबोटिक कार्डियाक सर्जरी, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पीटल, ओखला, नई दिल्ली ने कहा, “रोबोटिक एसिस्टेड कार्डियाक सर्जरी से जटिल हृदय रोगों के प्रबंधन में काफी बदलाव हुआ है। पहले की तुलना में अधिक सटीकता और मिनीमॅली इन्वेसिव तकनीकों की बदौलत ही क्लीनिकल परिणाम और मरीजों की रिकवरी बेहतर हुई है।”
डॉ पंकज पंवार, एडिशनल डायरेक्टर, किडनी ट्रांसप्लांट एंड रोबोटिक यूरोलॉजी, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पीटल, ओखला, नई दिल्ली ने कहा, “पीड़ा रहित हेमट्यूरिया (बिना दर्द के पेशाब में खून आना) जैसे लक्षणों की समय पर पहचान करना ब्लैडर कैंसर के शुरुआती डायग्नॉसिस के लिए आवश्यक है। रोबोटिक टेक्नोलॉजी के उपलब्ध होने के बाद, अब हम अधिक सुरक्षित, अधिक परिष्कृत सर्जिकल प्रक्रियाओं की बदौलत मरीजों के लिए बेहतर परिणामों को सुनिश्चित कर पाते हैं।”
डॉ पंकज नगायच, प्रेसीडेंट, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), आगरा ने कहा, “इस प्रकार के परस्पर सहयोगी शैक्षिक मंच निरंतर मेडिकल एजुकेशन के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। फोर्टिस एस्कॉर्ट्स के साथ हमारे जुड़ाव के चलते ज्ञान को साझा करने की प्रक्रिया को मजबूती मिली है और साथ ही, मेडिकल कम्युनिटी के भीतर उन्नत क्लीनिकल प्रथाओं को अपनाने की दिशा में भी सहयोग बढ़ा है।”

