वैसे तो भारतीय शेयर बाज़ार नित नई ऊंचियों को छू रहा रहा हैं, बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ़्टी नए शिखर को छू रहे हैं लेकिन पड़ोसी देश पाकिस्तान के शेयर बाजार की बात करें तो पिछले एक साल में वहां करीब 100 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। हालांकि मार्केट कैप की बात करें तो भारतीय शेयर बाजार के सामने पाकिस्तान का शेयर बाजार बौना है, बीएसई की वेबसाइट के मुताबिक एक्सचेंज में लिस्टेड सभी कंपनियों का मार्केट कैप 410 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। इतना ही नहीं मार्केट कैप के हिसाब से भारतीय शेयर बाजार दुनिया का 5वां सबसे बड़ा शेयर बाजार है। जबकि पाकिस्तान का शेयर बाजार टॉप-100 से बाहर है। पाकिस्तानी शेयर बाजार में तूफानी तेजी व्हिस्की बनाने वाली कंपनी ला रही है दरअसल पिछले एक हफ्ते से पाकिस्तानी शेयर बाजार में पैसों की बरसात हो रही है। इस बढ़त के साथ ही कराची स्टॉक एक्सचेंज में पिछले एक साल में 100 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली है। वहीं, पाकिस्तान के प्रमुख इंडेक्स FTSE पाकिस्तान में भी 100 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली है।
ठीक एक साल पहले कराची 100 इंडेक्स करीब 40000 अंकों पर था, जो अब बढ़कर 80 हजार हो गया है। वहीं, FTSE पाकिस्तान इंडेक्स भी एक साल में करीब 100 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1100 अंकों को पार कर गया है। इस बढ़त की वजह से निवेशकों का पाकिस्तानी शेयर बाजार में कुछ हद तक भरोसा वापस लौटा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, निवेशकों को पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। आपको बता दें, हाल ही में पाकिस्तान में बजट पेश किया गया। इस बार बजट का आकार करीब 18.88 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपये था, जो पिछले साल के मुकाबले 30.56 प्रतिशत ज्यादा है। बजट पेश होने के अगले ही दिन से पाकिस्तानी शेयर बाजार में बढ़त देखने को मिल रही है। वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने बजट भाषण में कहा कि सरकार सरकारी उपक्रमों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है।
दरअसल, कहा जा रहा है कि पाकिस्तान सरकार अगले साल देश की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए निजीकरण पर ध्यान दे सकती है। साथ ही, बजट में उठाए गए कदमों से लगता है कि पाकिस्तान के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से कर्ज लेना थोड़ा आसान होगा। जिससे शेयर बाजार का भरोसा बढ़ा है और निवेशक उम्मीद के साथ निवेश कर रहे हैं।

