देश में ई-कॉमर्स सेक्टर के लिए एक अलग रेगुलेटर के प्रपोजल वाली ड्राफ्ट पॉलिसी जल्द जारी की जा सकती है। इस ड्राफ्ट की सेक्रेटरीज का एक ग्रुप समीक्षा करेगा। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों में ई-कॉमर्स बिजनेस, रोजगार बढ़ाने और इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष जोर दिया जाएगा।
डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) पॉलिसी को अंतिम रूप दे रहा है।
इस डिवेलपमेंट की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि इस पॉलिसी का लक्ष्य बिजनेस में रुकावट डाले बिना नागरिकों को संरक्षण देना है।
एक सूत्र ने कहा, ‘कुछ बदलाव किए जा रहे हैं और इसके बाद ड्राफ्ट पॉलिसी को इंडस्ट्री के फीडबैक के लिए जारी किया जाएगा। पॉलिसी को मई तक फाइनल किया जा सकता है।’
DPIIT की ओर से पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (PDP) बिल और नॉन-पर्सनल डेटा के पहलुओं पर विचार किया जा रहा है।
PDP बिल प्राइवेसी डेटा से जुड़ा है, जबकि कृष गोपालकृष्णन की अगुवाई वाली एक्सपर्ट्स की कमेटी नॉन-पर्सनल डेटा का पहलू देख रही है। ई-कॉमर्स पॉलिसी को इन मुद्दों के अनुरूप बनाया जाएगा।
सूत्र ने बताया, ‘डेटा की जिम्मेदारी इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मिनिस्ट्री के पास है। पॉलिसी ई-कॉमर्स से जुड़ी होगी और इसमें क्रॉस बॉर्डर डेटा शामिल होगा।’

