नई दिल्ली: कोरोना वायरस संकट के चलते वैश्विक अर्थव्यवस्था में नरमी के बीच भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) ने अपनी सदस्य कंपनियों से कर्मचारियों की छंटनी नहीं करने को कहा है। परिसंघ के अध्यक्ष विक्रम किर्लोस्कर की यह टिप्पणी मांग में कमी की चिंता को लेकर कंपनियों के छंटनी का रास्ता अपनाने की संभावना के बीच आई है।
दुनियाभर में कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए कई देशों ने अलग-अलग तरह के प्रतिबंध लगाए हैं। इससे मांग की कमी के चलते भारत समेत अन्य देशों में कंपनियों के लोगों को नौकरी से निकाले जाने की आशंका है। मौजूदा समय को ‘चुनौतीपूर्ण’ करार देते हुए किर्लोस्कर ने कहा, ‘व्यवस्था में नकदी बढ़ाने के लिए रिजर्व बैंक को नीतिगत दरों को कम करना चाहिए। वहीं सरकार को उद्योग जगत के सभी ऋणों की वसूली रोक देनी चाहिए।’
उन्होंने कहा, ‘हमने अपनी सदस्य कंपनियों से आग्रह किया है कि वह अपने कर्मचारियों को बनाए रखें और जितना संभव हो सके उनकी छंटनियां न करें। साथ ही छोटे सेवाप्रदाताओं का भी ख्याल रखा जाना चाहिए। वर्ष 2019 के अंत तक 9,325 कंपनियां सीआईआई की सदस्य बन चुकी हैं। अन्य क्षेत्रों के अलावा, कोरोना वायरस महामारी से सबसे ज्यादा विमानन कंपनियों को प्रभावित किया है। गोएयर ने क्रमिक आधार पर अपने कर्मचारियों को बिना वेतन की छुट्टी पर भेजने की घोषणा की है। वहीं इंडिगो ने अपने कर्मचारियों के वेतन में 25 प्रतिशत की कटौती करने की घोषणा की है।

