गृह मंत्रालय के इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशनसेंटर (आई 4 सी) के आंकड़ों में भी दिखा उल्लेखनीय असर
मेरठ : भारती एयरटेल ने आज घोषणा की है कि उसके द्वारा शुरूकी गई एंटी-फ्रॉड पहलों के चलते साइबर अपराध की शिकायतों में उल्लेखनीय गिरावट आई है। इस प्रभाव की पुष्टि हाल ही में गृह मंत्रालय (एमएचए) के भारतीय साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशनसेंटर (आई 4 सी) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों से भी हुई है।
इस पहल पर अपने विचार व्यक्त करते हुए, भारती एयरटेल के वाइस चेयरमैन व प्रबंधनिदेशक गोपाल विट्टल ने कहा,“हमारा मिशन अपने ग्राहकों को स्पैम और वित्तीय धोखाधड़ीसे पूरी तरह मुक्त करना है। पिछले एक वर्ष में, हमारे एआई-आधारित नेटवर्क सॉल्यूशंसने 48.3 बिलियन से अधिक स्पैम कॉल्स की पहचान की और 3.2 लाख धोखाधड़ी वाले संदिग्धलिंक्स को ब्लॉक किया। हालांकि, हम इसे एक बड़े संघर्ष की दिशा में बढ़ता हुआ एक छोटासा कदम मानते हैं। जब तक हमारे नेटवर्क डिजिटल स्पैम और स्कैम से पूरी तरह मुक्त नहींहो जाते, तब तक हम इस क्षेत्र में नवाचार और निवेश करते रहेंगे।”
गृह मंत्रालय-आई 4 सी के अनुसार, एयरटेल नेटवर्क पर वित्तीय नुकसान के मूल्यमें 68.7 प्रतिशत की भारी गिरावट और कुल साइबर अपराध मामलों में 14.3 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।यह आंकड़े दर्शाते हैं कि साइबर अपराधों पर रोक लगाने और ग्राहकों के लिए सुरक्षितनेटवर्क उपलब्ध कराने में एयरटेल का फ्रॉड डिटेक्शन समाधान बेहद असरदार साबित हुआ है।गृह मंत्रालय-आई4सी द्वारा किए गए विश्लेषण में सितंबर 2024 (जब एयरटेल का फ्रॉड औरस्पैम डिटेक्शन समाधान लॉन्च नहीं हुआ था) और जून 2025 के बीच साइबर अपराध से जुड़ेप्रमुख संकेतकों की तुलना की गई है।
उन्होंने कहा, “भारतीय साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (आई4सी) – गृह मंत्रालय(एमएचए) द्वारा साझा किया गया यह प्रभाव हमें अत्यधिक प्रोत्साहित करता है और हमारेइस मिशन में किए गए प्रयासों को सही ठहराता है। मैं स्पैम और धोखाधड़ी पर नियंत्रणलगाने के लिए एमएचए-आई4सी और दूरसंचार विभाग (डीओटी) की पहलों की सराहना करता हूँ।हम साइबर अपराध और धोखाधड़ी के ख़तरों को समाप्त करने के उद्देश्य से अधिकारियों केसाथ सक्रिय रूप से सहयोग करते रहेंगे।”
सितंबर 2024 में, देश में बढ़ती स्पैम समस्या पर रोक लगाने की दिशा में एकअहम पहल करते हुए कंपनी ने भारत का पहला नेटवर्क-आधारित एआई-पावर्ड स्पैम डिटेक्शनसॉल्यूशन लॉन्च किया। इस पहल ने स्पैम कॉल्स और मैसेजेस की बढ़ती समस्या को हल करनेकी दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह समाधान देश में किसी टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडरद्वारा पेश किया गया अपनी तरह का पहला सॉल्यूशन है, जो ग्राहकों को संदिग्ध स्पैम कॉल्सऔर एसएमएस की रीयल-टाइम में चेतावनी देता है।
इसी क्रम में, मई 2025 में, कंपनी ने दुनिया का पहला ऐसा सॉल्यूशन पेश कियाजो नेटवर्क पर आने वाले हर प्रकार के संचार माध्यमों में मौजूद खतरनाक (मैलिशियस) लिंक्सको रीयल-टाइम में पहचान कर ब्लॉक करता है। यह सुरक्षित सेवा सहज रूप से एकीकृत की गईहै और एयरटेल के सभी मोबाइल और ब्रॉडबैंड ग्राहकों के लिए बिना किसी अतिरिक्त शुल्कके स्वतः सक्रिय कर दी गई है। आई4सी के विश्लेषण से प्राप्त निष्कर्ष यह दर्शाते हैं कि एयरटेल द्वारा अपनेग्राहकों के लिए उठाए गए ये सक्रिय कदम कितने प्रभावी साबित हुए हैं।

