लखनऊ। किसानों की समस्याओं को हल करने और कृषि में सशक्त सप्लाई चेन के निर्माण के लिए विश्वस्तरीय फिनटैक समाधान प्रदाता कंपनी बीपीसी ने एक डिजिटल प्लेटफॉर्म सफल फसल पेश किया है (www.safalfasalonline.in), जो छोटे एवं सीमांत किसानों को आसान फाइनेंस, टेक्नोलोजी, मार्केट एवं जोखिम प्रबंधन उपकरणों से लाभान्वित करेगा। लखनऊ में आयोजित उद्घाटन समारोह में तकरीबन 30,000 किसानों ने हिस्सा लिया।
किसानों की ऋण संबंधी समस्याओं के समाधान से लेकर इन्वेंटरी मैनेजमेन्ट, फाइनैंशियल कृषि उपकरणों, खेती में नुकसान, गुणवत्तापूर्ण स्टोरेज सुविधाओं तक सफल फसल आधुनिक तकनीक के द्वारा किसानों की आय को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करेगा। अग्रणी भारतीय ऋणदाताओं, कृषिटैक कंपनियों और उद्योग जगत के खिलाड़ियों ने भारतीय किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए बीपीसी की इस पहल के साथ साझेदारी है। इस पहल के साथ जुड़ने वाले अग्रणी कोरपोरेट्स में आईसीआईसीआई बैंक, टेनेजर इंटरनेशनल, बेयर, श्योर, सब-के, किसान साथी, ट्रांसिटी, इण्डिया हेल्थ लिंक एवं गपशप्स आदि शामिल हैं। उद्घाटन समारोह में एसियोन, नाबार्ड, जिज़, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड, एमफिन इण्डिया, माइक्रोसेव, पीडब्ल्यूसी, समुन्नति, ग्रीनलाईट आदि के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
सफल फसल मार्केटप्लेस खरीददारों को विक्रेताओं से जोड़ता है और उचित कीमतों, किफ़ायती ऋण सेवाओं द्वारा किसानों की आय में सुधार लाने में मदद करता है। परामर्श सेवाओं द्वारा किसानों की फसल उत्पादकता बढ़ाने और अर्थव्यवस्था में सुधार लाने में योगदान देता है। इसके माध्यम से उपभोक्ता किसानों और उनके उत्पादों से लाभान्वित हो सकते हैं, वे बेहतर खरीद प्रणाली, बेहतर लोजिस्टिक्स सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं, इस तरह बाज़ार में कम जोखिम के साथ बेहतर और संतुलित कीमतें सुनिश्चित होती हैं।
इस अवसर पर एनाटोली लोगीनोव, चेयरमैन, बीपीसी बैंकिंग टेक्नोलोजीज़ ने कहा, ‘‘अर्थव्यवस्था के डिजिटलीकरण में इकोसिस्टम का निर्माण महत्वपूर्ण है। अब सिर्फ पाइन्ट-टू-पाइन्ट समाधानों से ही बेहतर परफोर्मेन्स पाना संभव नहीं है, इसके लिए विभिन्न दलों के बीच सहयोग अपेक्षित है और डिजिटल तकनीक को बढ़ावा देना ज़रूरी है। ऐसा करके हम बड़े पैमाने पर सामाजिक एवं आर्थिक विकास में योगदान दे सकते हैं, और विभिन्न समस्याओं को हल कर सभी के लिए निष्पक्ष कारोबार, स्वस्थ फाइनैंशियल सेवाओं को सुनिश्चित कर सकते हैं।’
बड़े पैमाने पर किए गए ये डिजिटल इनोवेशन किसानों को फाइनैंशियल सेवाओं एवं कारोबार हितधारकों के साथ जोड़कर उन्हें सशक्त बनाएंगे। सफल फसल असंगठित कृषि क्षेत्र की कमियों को दूर करेगा तथा किसानों, एफपीओ, एफपीसी, इनपुट प्रदाताओं, उत्पादक-खरीददार वित्तीय संस्थानों, बीमा कंपनियों, लॉजिस्टिक्स प्रदाताओं, उपकरण प्रदाताओं, परामर्श सेवाओं एवं अन्य प्रासंगिक वैल्यू एडेड सेवा प्रदाताओं को एक दूसरे के साथ जोड़ेगा।
उन्होंने कहा कि, ‘हमें खुशी है कि हमारे साथ कई विश्वस्तरीय कारोबार साझेदार जुड़ गए हैं जिनमें अग्रणी बैंकों से लेकर कृषि सेवा प्रदाता, स्थानीय साझेदार तक शामिल हैं जो दूर-दराज के स्थानीय किसानों को अपनी सेवाएं प्रदान करते हैं। एक साथ मिलकर हम भारत में एक व्यापक डिजिटल प्रणाली का निर्माण कर सकते हैं, और इससे मिले सबक को अन्य क्षेत्रों में भी अपनाया जा सकता है।’
कंपनी के मिशन पर चर्चा करते हुए देबर्षि दत्ता, एक्ज़क्टिव वाईस प्रेज़ीडेन्ट एवं ग्लोबल हैड मार्केटप्लेस, बीपीसी बैंकिंग टेक्नोलॉजीज़ ने कहा, ‘‘हम मौजूदा हितधारकों के साथ जुड़कर तकनीकी हस्तक्षेपों एवं पारदर्शिता के माध्यम से मूल्य श्रृंखला में बेहतर और प्रभावी बदलाव लाने के लिए प्रयासरत हैं। इससे किसानों एवं मार्केटप्लेस के अन्य हितधारकों की आय 15-20 फीसदी तक बढ़ेगी। डिजिटल फुटप्रिन्ट के साथ किसानों तथा एमएसएमई के लिए ऋण पाना आसान हो जाएगा, वे उचित ब्याज दरों पर ऋण पा सकेंगे, इससे उनकी बचत होगी।’
एस के रॉय, डीजीएम, नाबार्ड ने अपने भाषण में कहा, “कृषि उत्पादकता में सुधार के लिए एक सोची समझी, टिकाऊ और जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखकर काम करने वाली टेक्नोलॉजी की बहुत आवश्यकता है। सफ़ल फ़सल जैसी पहल किसानों तक तकनीक पहुंचाने और उनकी आय बढ़ाने में मदद करेगी।
सफल फसल खरीददारों और विक्रेताओं को एक दूसरे से जोड़ेगी तथा आधुनिक तकनीकी समाधानों से किसानों की आय में सुधार लाएगी
किसानों, एफपीओ, एफपीसी, इनपुट प्रदाताओं, उत्पादक-खरीददार वित्तीय संस्थानों, बीमा कंपनियों, लोजिस्टिक प्रदाताओं, उपकरण प्रदाताओं एवं अन्य हितधारकों के बीच के अंतर को दूर कर, कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाएगी।
मार्केटप्लेस से जुड़ा हर हितधारक होगा लाभान्वित, हितधारकों की आय 15-20 फीसदी तक बढ़ेगी

