नई दिल्ली: कोरोना महामारी के चलते बढ़ी बेरोज़गारी से निपटने के लिए हरियाणा ने पहल की है। हरियाणा सरकार ने स्थानीय आबादी की बेरोजगारी की समस्या को प्राथमिकता आधार पर हल करने के मकसद से ‘हरियाणा राज्य स्थानीय उम्मीदवारों को रोजगार अध्यादेश, 2020’ लाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है।
अध्यादेश का प्रारूप मंत्रिमंडल की आगामी बैठक में लाया जाएगा। इसके तहत हरियाणा में स्थित निजी तौर पर प्रबंधित कंपनियों, सोसाइटियों, ट्रस्टों, लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप फर्मों, पार्टनरशिप फर्मों आदि में 50 हजार रुपये प्रतिमाह से कम वेतन वाली नौकरियों के मामले में नए रोजगारों का 75 प्रतिशत स्थानीय उम्मीदवारों को मुहैया करवाएगा। हालांकि, नियोक्ता के पास एक जिले से केवल 10 प्रतिशत स्थानीय उम्मीदवारों की भर्ती का विकल्प होगा। यदि उद्योग की किसी विशिष्ट श्रेणी के लिए उपयुक्त स्थानीय उम्मीदवार उपलब्ध नहीं होते हैं तो छूट खंड का भी प्रावधान किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने ट्वीट कर बताया कि हरियाणा में प्राइवेट नौकरियों में 75 फीसदी हरियाणवी युवाओं की भर्ती को अनिवार्य किया जाएगा। दुष्यंत चौटाला ने ट्वीट कर कहा, ”आज युवाओं के लिए एतिहासिक दिन है !! हमारी सरकार ने हरियाणा की प्राइवेट नौकरियों में 75% हरियाणवी युवाओं की भर्ती को अनिवार्य करने के अध्यादेश के प्रारूप को कैबिनेट में मंजूरी दे दी है।”

