मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) एक नियम पर विचार कर रहा है जिसके मुताबिक किसी बैंक के संस्थापक का चीफ एग्जिक्युटिव ऑफिसर (CEO) या फुल-टाइम डायरेक्टर के रूप में कार्यकाल अधिकतम 10 वर्ष तक सीमित करने का प्रस्ताव है। आरबीआई ने कॉर्पोरेट गवर्नेंस का मापदंड तय करने के लिए एक डिस्कशन पेपर गुरुवार को जारी किया। इसमें प्रस्तावित विषय ने कानून का रूप ले लिया तो कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक उदय कोटक को तगड़ा झटका लगेगा। कोटक ने 2003 में कोटक महिंद्रा बैंक की स्थापना की और तब से वो इसके सीईओ हैं।
न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग ने कुछ विश्लेषकों के हवाले से कहा है कि आरबीआई की नई नीति (अगर प्रस्ताव पारित हुआ तो) से सबसे बड़ा झटका उदय कोटक को ही लगेगा क्योंकि उन्होंने बैंक के सीईओ के रूप में 17 साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है। इसका मतलब है कि कोटक को 2022 या 2023 में पद छोड़ना पड़ेगा।

