नई दिल्ली: कोरोना लॉकडाउन के कारण सबसे ज्यादा MSME सेक्टर पर असर पड़ा है, जिसका जीडीपी में योगदान एक तिहाई में देश के निर्यात में करीब 45 फीसदी है। इस सेक्टर के लिए लगातार मदद की मांग की जा रही है। दूसरी तरफ सरकार अर्थव्यवस्था को राहत देने के लिए लगातार कर्ज बांटने पर जोर दे रही है। बता दें कि MSME सेक्टर को लॉकडाउन शुरू होने से अब तक 42 हजार करोड़ रुपये मंजूर किए जा चुके हैं।
राष्ट्रव्यापी बंद 25 मार्च से लागू हुआ है। इस दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने वर्किंग कैपिटल की सीमा पर मौजूदा कोष पर दस प्रतिशत अतिरिक्त ऋण उपलब्ध कराया है। इसके लिए अधिकतम सीमा 200 करोड़ रुपये है। सरकार द्वारा जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार अभी तक बैंकों ने अपने मौजूदा ग्राहकों के लिए कोविड-19 राहत योजना के तहत एमएसएमई को 27,426 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर किया है।

