नई दिल्ली: कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच सरकार ने कई दवाइओं के निर्यात पर रोक लगा दी है। कई जरूरी दवाओं का स्टॉक खत्म होने को है और चीन से दवाएं बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की सप्लाई बाधित है। इसे देखते हुए सरकार ने 26 दवाओं के निर्यात पर रोक लगाने का फैसला किया है, ताकि देश में दवाओं की फिलहाल कमी न हो।
सरकार ने उन महत्वपूर्ण और जरूरी दवाइयों की पहचान की है जिनका स्टॉक खत्म हो सकता है। इनमें एमॉक्सिसिलिन, मॉक्सिफ्लॉक्सासिन, डॉक्सिसाइक्लीन जैसी एंटीबायोटिक और टीबी की दवा रिफैंपिसिन शामिल हैं। इन दवाओं को तैयार करने के लिए कच्चा माल चीन से आता है। लेकिन कोरोना के कारण सप्लाई पर खतरा है। बता दें कि 54 दवाओं का रिव्यू किया गया था, जिनमें से 32 बेहद जरूरी दवाएं हैं। इनमें से 15 नॉन क्रिटिकल कैटिगरी में आती हैं।
ICMR को ऐसी दवाओं का रिव्यू करने को कहा गया था, जिनके API (ऐक्टिव फार्मा इनग्रेडिएंट) के लिए भारत पूरी तरह चीन पर निर्भर है। लेकिन चिंता की बात है कि समीक्षा में शामिल की गईं 32 दवाओं का कोई विकल्प नहीं है, जिससे परेशानी बढ़ने की आशंका बढ़ गई है।

