नई दिल्ली: इस साल बजट 2020 में इकोनॉमी में रफ्तार भरने के लिए सरकार ने ग्रामीण भारत पर खर्च बढ़ाने के साथ टैक्स घटाया है और डिविडेंट डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स (DDT) खत्म किया है। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण की कोशिश किसानों के हाथों में ज्यादा पैसा देना है ताकि डिमांड बढ़ सके। इस बार बजट में किसानों की कल्याणकारी योजनाओं पर 1.3 लाख करोड़ रुपए खर्च करने का प्रावधान है। इसमें ग्रामीण एंप्लॉयमेंट स्कीम NREGS के लिए 615 अरब रुपए, ग्रामीण सड़कों (PMGSY) के लिए 195 अरब रुपए और ग्रामीण आवास योजना (PMAY-G) के लिए 275 अरब रुपए आवंटित किए हैं।
कोटक सिक्योरिटीज के फंडामेंटल रिसर्च हेड रश्मिक ओझा ने कहा, “बजट में सरकार ने कृषि सेक्टर के लिए आवंटन 32 फीसदी बढ़ाकर 1343 अरब रुपए (1.3 लाख करोड़) कर दिया है। वहीं दूसरी तरफ फिस्कल ईयर 2021 के लिए फूड सब्सिडी बजट भी 6 फीसदी बढ़ा दिया है। साथ ही फिस्कल ईयर 2021 के लिए फर्टिलाइजर सब्सिडी बजट 11 फीसदी घटा दिया है।”
डोमेस्टिक एग्रो केमिकल सेगमेंट में रैलिस इंडिया अच्छा शेयर है। डोमेस्टिक और एक्सपोर्ट बिजनेस, दोनों में कंपनी का प्रदर्शन अच्छा रहा है। घरेलू बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी 54 फीसदी और एक्सपोर्ट बिजनेस में 46 फीसदी हिस्सेदारी है। फिस्कल ईयर 2020 की तीसरी तिमाही में रैलिस इंडिया की आमदनी साल-दर-साल आधार पर 28 फीसदी बढ़ा है।
सरकार की कोशिश रही है कि किसान ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर का इस्तेमाल ज्यादा करें। इसका फायदा इंसेक्टिसाइड्स इंडिया, PI इंडस्ट्रीज, आरती इंडस्ट्रीज, अतुल और SRF जैसी कंपनियों को होगा।
कस्टम ड्यूटी बढ़ने से फुटवीयर का आयात महंगा हो जाएगा और इसका फायदा बाटा इंडिया और रिलैक्सो फुटवीयर्स को होगा।

