इन्शुरेन्स खरीदना अब आसान ऑनलाईन तरीके से हो रहा है, पर उसके साथ बिमा धारक को कुछ खतरे भी उठाने पड़ते है
आज की इस दुनिया में फाईनान्स और तंत्रज्ञान एकदुसरें के साथ जुडे हुए है. फिनटेक आज एक अच्छा कारोबार बन चुका है. फिर भी “इन्शुरटेक” इस मे पिछे नहीं है. इन्शुरटेक का मतलब यह है की तंत्रज्ञान के प्रयोग से अधिकतर टेक डिजिटल सैवी ग्राहकों को सेवा प्रदान करना.

बिकाश चौधरी, चीफ रिस्क ऑफिसर, फ्यूचर जेनराली इंडिया लाईफ इंशुरेन्स कंपनी लिमिटेड, इन्सुरेंस पालिसी के कई पहलू पर प्रकाश डालते हुए बताते है की तकनिकी क्रांति आज की बड़ी जरूरत है फिर भी इस तंत्रज्ञान के कुछ खतरे भी है जिनसे आपको अवगत कराना जरूरी है.
हैकर्स से बचें – जब कभी आप ऑनलाईन काम करतें है या जानकारी शेअर करतें है तब आप हैक होने का खतरा रहता है. पर्सनल आईडेटिफाईएबल इन्फर्मेशन (पीआईआई) आपकी काफी महत्त्वपूर्ण जानकारी होती है. बिमाधारक को यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि इस जानकारी कि सुरक्षा और नियमित रूप से देखभाल करें. कंपनी की साईट को ब्राऊजर के एड्रेस बार पर टाईप करे और ना कि ईमेल मे आयी लिंक से. यह महत्त्वपूर्ण है की इन्शुरेन्स खरीदने से पहले आप के उपकरण में सिक्युरिटी सॉफ्टवेअर इन्स्टॉल किया हो. इस के लिए एन्टीवाईरस प्रोटेक्शन और एन्टी स्पाईवेअर सॉफ्टवेअर इन्स्टॉल करें.
सुरक्षित इंटरनेट का प्रयोग- ग्राहकों को उनकी पीआईआई (पर्सनल आईडेंटिफाईएबल इन्फर्मेशन) किसी के साथ शेअर करते वक्त सावधानी बरतनीं चाहिए विशेषरूप से जब वे असुरक्षित इंटरनेट का प्रयोग करते हो. जब हॉटस्पॉट, लॉग और कोई भी वैयक्तिक जानकारी भेज रहें हो तो यह सुनिश्चित करें की वेबसाईट पूर्ण रूप से एन्क्रिप्टेड हो ( वेबसाईट की शुरूआत एचटीटीपीएस है या नहीं इस की जांच करें) अपने अकाऊंट पर अधिक समय साईन्ड इन ना रहे. अगर आप वाईफाई या हॉट स्पॉट से आपका ऑनलाईन अकाऊंट चेक करते है तो वर्च्युअल प्राईवेट नेटवर्क (वीपीएन) का प्रयोग करें.
पर्सनल कन्सेन्ट- ऑनलाईन इन्शुरेन्स खरीदतें समय ग्राहकों की पर्सनल कन्सेन्ट काफी जरूरी होती है. बिमा रोजमर्रा खरीदनें की चीज नहीं है. यह काफी वैयक्तिक चीज होती है और कभीकभार खरीदी जाती है. डिफॉल्ट क्लिक ‘आई हैव रेड दी टर्म्स एन्ड कंडिशन (टीएन्डसी). टीएन्डसी एक महत्त्वपूर्ण दस्तावेज होता है. इसलिए पॉलिसी खरीदने के लिए लॉग इन या साईन अप करने से पहले उन्हे ठीक से पढ़े. इसलिए अपनीं वैयक्तिक जानकारी के लिए ‘टीएन्डसी एप्लाईड’ को ठीक से पढें.
अपनीं पॉलिसी को समझें –जब आप ऑनलाईन मंच से सीधे पॉलिसी खरीदतें है तब उस उत्पादन की जानकारी आपको दी जाती है. उस जानकारी को ठीक से पढ़ें और सुनिश्चित करें कि वह पॉलिसी आपकी जरूरतों के अनुसार हो. कई बार साईट पर स्मार्टबॉट्स और ऐप होतें है जहां आपकी जरूरत के अनुसार आपकी समस्याओं का समाधान किया जाता है. उन एजेंट्स से बात करें. इस से कई ग्राहकों को बुरे सरप्राईजेस से बचने में मदद मिलेगी.

