पिछले हफ्ते शेयर बाजार में भारी बिकवाली ने सेंसेक्स की सभी कंपनियों का गणित बिगाड़ दिया। सबसे ज्यादा नुकसान रिलायंस इंडस्ट्रीज के निवेशकों को हुआ। रिलायंस के निवेशकों को 91,140 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। पिछले हफ्ते सेंसेक्स की शीर्ष 10 कंपनियों के बाजार मूल्यांकन में 4,95,061 करोड़ रुपये की गिरावट आई।
सप्ताह की शुरुआत अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की नीति घोषणा से हुई, जिसने बाजार की धारणा बदल दी। फेडरल रिजर्व ने 2025 में केवल दो बार ब्याज दरों में कटौती का संकेत दिया है। पिछले हफ्ते Tata Consultancy Services का बाजार पूंजीकरण 1,10,550.66 करोड़ रुपये घटकर 15,08,036.97 करोड़ रुपये रह गया। Reliance Industries का मूल्यांकन 91,140.53 करोड़ रुपये घटकर 16,32,004.17 करोड़ रुपये रह गया। HDFC Bank का बाजार पूंजीकरण 76,448.71 करोड़ रुपये घटकर 13,54,709.35 करोड़ रुपये और Bharti Airtel का बाजार पूंजीकरण 59,055.42 करोड़ रुपये घटकर 8,98,786.98 करोड़ रुपये रह गया।
State Bank of India का बाजार पूंजीकरण 43,909.13 करोड़ रुपये घटकर 7,25,125.38 करोड़ रुपये रह गया। ICICI Bank का बाजार पूंजीकरण 41,857.33 रुपये घटकर 9,07,449.04 करोड़ रुपये रह गया। Infosys का मूल्यांकन 32,300.2 करोड़ रुपये घटकर 7,98,086.90 करोड़ रुपये रह गया। Life Insurance Corporation of India का मूल्यांकन 20,050.25 करोड़ रुपये घटकर 5,69,819.04 करोड़ रुपये रह गया। Hindustan Unilever का मार्केट कैप 12,805.27 करोड़ रुपये घटकर 5,48,617.81 करोड़ रुपये रह गया। ITC का मूल्यांकन 6,943.5 करोड़ रुपये घटकर 5,81,252.32 करोड़ रुपये रह गया।
शीर्ष 10 कंपनियों की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर रही। इसके बाद क्रमश: CS, HDFC Bank, ICICI Bank, Bharti Airtel,, इंफोसिस, एसबीआई, आईटीसी, एलआईसी और Hindustan Unilever का स्थान रहा।

