आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने अमेरिका में एक कार्यक्रम में क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े जोखिमों पर चर्चा के दौरान पूरी दुनिया को क्रिप्टोकरेंसी को लेकर आगाह करते हुए क्रिप्टोकरेंसी को वित्तीय और मौद्रिक स्थिरता के लिए बहुत बड़ा जोखिम बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इससे ऐसे हालात पैदा हो सकते हैं जहां केंद्रीय बैंक अर्थव्यवस्था में करेंसी सप्लाई पर अपना नियंत्रण खो देगा। शक्तिकांत दास ने कहा कि उनका मानना है कि यह ऐसी चीज है, जिसे फाइनेंसियल सिस्टम पर हावी नहीं होने देना चाहिए। इसमें फाइनेंसियल स्टेबिलिटी के लिए बहुत बड़ा जोखिम है। इसमें और मोनेटरी स्टेबिलिटी के लिए बहुत बड़ा जोखिम है। यह बैंकिंग सिस्टम के लिए बहुत बड़ा जोखिम पैदा कर सकता है।
Peterson Institute for International Economics के एक लेक्चर में शक्तिकांत दास ने कहा कि इससे ऐसे हालात भी बन सकते हैं जहां सेंट्रल बैंक इकोनॉमी में मोनेटरी सप्लाई पर अपना कण्ट्रोल खो देगा। शक्तिकांत दास ने कहा कि अगर केंद्रीय बैंक का अर्थव्यवस्था में मुद्रा आपूर्ति पर नियंत्रण नहीं होगा, तो सिस्टम में उपलब्ध नकदी की जांच कैसे होगी। RBI गवर्नर ने आगे कहा कि मुश्किल समय सेंट्रल बैंक मोनेटरी सप्लाई को कण्ट्रोल करके इन्फ्लेशन को नियंत्रित करता है। इसलिए, हम क्रिप्टो को एक बड़े जोखिम के रूप में देखते हैं।
उन्होंने कहा कि इस पर अंतरराष्ट्रीय समझ होनी चाहिए क्योंकि यह सीमा पार का लेनदेन है। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े बड़े जोखिमों के बारे में पूरी तरह से अवगत होना चाहिए। मुझे लगता है कि इसे बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए। मुझे लगता है कि दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों के लिए वित्तीय स्थिरता के संरक्षक के रूप में यह एक बड़ी चिंता का विषय है।

