देश का विदेशी मुद्रा भंडार चार अरब डॉलर बढ़कर पहली बार 670 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है। इस ख़ज़ाने में पिछले तीन सप्ताह में 18 अरब डॉलर से अधिक की वृद्धि हुई है। रिजर्व बैंक की ओर से 26 जुलाई को जारी किये गए आंकड़ों से पता चला है कि 19 जुलाई को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार चार अरब डॉलर बढ़कर 670.86 अरब डॉलर हो गया, जो ऐतिहासिक उच्चतम स्तर है। विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 2.58 अरब डॉलर बढ़कर 588.05 अरब डॉलर पर पहुंच गईं।
Gold reserves बढ़ाने के रिजर्व बैंकRBI के जारी प्रयासों के बीच देश का स्वर्ण भंडार 1.33 अरब डॉलर बढ़कर 59.99 अरब डॉलर दर्ज किया गया। SDR 95 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.21 अरब डॉलर हो गया। जबकि IMF के पास आरक्षित निधि 4.61 अरब डॉलर पर स्थिर रही। 5 जुलाई को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में 5.16 अरब डॉलर की वृद्धि हुई थी। इस प्रकार तीन सप्ताह में देश के विदेशी मुद्रा भंडार में 18.86 अरब डॉलर की वृद्धि हुई है।
विदेशी मुद्रा भंडार देश की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण संकेतक है। आरबीआई के पास पर्याप्त विदेशी मुद्रा होने से जरूरत पड़ने पर यह रुपये को सहारा दे सकता है। साथ ही विदेशी कर्ज की किस्तें चुकाना और आयात बढ़ाना आसान हो जाता है। समीक्षाधीन सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास भारत का आरक्षित जमा 4.61 अरब डॉलर पर अपरिवर्तित रहा।

