बाजार के जानकारों के मुताबिक इस सप्ताह शेयर बाजारों की दिशा कंपनियों के तिमाही नतीजों, वैश्विक रुझानों और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की गतिविधियों से तय होगी। इस सप्ताह 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के चलते महाराष्ट्र सरकार ने छुट्टी की घोषणा कर दी है. शुक्रवार, 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर शेयर भी बाजार भी बंद रहेंगे। इस तरह इस हफ्ते सिर्फ तीन दिन शेयर बाजार में कारोबार होगा। बाजार के विश्लेषक विनोद नायर के मुताबिक इस सप्ताह बाजार की दिशा अमेरिकी जीडीपी आंकड़ों, बैंक ऑफ जापान और यूरोपीय सेंट्रल बैंक के ब्याज दर फैसलों से तय होगी।
इस सप्ताह एक्सिस बैंक, बजाज ऑटो, डीएलएफ, जेएसडब्ल्यू एनर्जी, एसीसी और जेएसडब्ल्यू स्टील भी अपने तीसरी तिमाही के नतीजे घोषित करेंगे। कम कारोबारी सत्रों वाले सप्ताह में कई कंपनियों के तिमाही नतीजों के चलते बाजार में खास गतिविधियां देखने को मिलेंगी। इसके अलावा ब्याज दरों और अमेरिका के जीडीपी डेटा पर बीओजे और ईसीबी के फैसले भी बाजार के लिए अहम होंगे।
पिछले हफ्ते की बात करें तो सेंसेक्स 1,144.8 अंक प्रतिशत नीचे रहा। आगामी बजट और सेक्टर-विशिष्ट गतिविधियों के बारे में उम्मीदें बाजार को दिशा देंगी। वैश्विक स्तर पर सभी की निगाहें जापान की मौद्रिक नीति और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर होंगी। इसके अलावा निवेशकों की नजर भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी रहेगी। पिछले हफ्ते बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला. इसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी में एक फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई। बैंक निफ्टी का प्रदर्शन बेहद खराब रहा. एचडीएफसी बैंक के नतीजों के बाद विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की आक्रामक बिकवाली से बाजार पर दबाव बढ़ गया है. इसके अलावा, बाजार घरेलू वैश्विक घटनाक्रम, एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशक), डीआईआई (घरेलू संस्थागत निवेशक) के निवेश रुझान, डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल और कच्चे तेल की कीमतों से भी दिशा लेगा।

