नई दिल्ली: सरकार की योजना माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइसेज के लिए फाइनेंशियल रेटिंग्स का एक सिस्टम बनाने की है। MSME मिनिस्टर नितिन गडकरी ने सोमवार को बताया कि इससे बैंकों को इस तरह के बॉरोअर्स को कर्ज देने के बारे में फैसला करने में आसानी होगी।
गडकरी ने इंडियन बैंक के MSME मेंटरिंग प्रोग्राम की महाराष्ट्र डिविजन की शुरुआत के मौके पर कहा, “बहुत से MSME अच्छा काम कर रहे हैं और हम उनके लिए फाइनेंशियल रेटिंग्स का सिस्टम बना सकते हैं। ऐसे सिस्टम के लिए बैंकों को सुझाव देना होगा।”
उन्होंने बताया कि यह सिस्टम MSME के सालाना टर्नओवर, गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) रिकॉर्ड, इनकम टैक्स रिकॉर्ड और एक्सपोर्ट के आधार पर बनाया जा सकता है। इसमें प्रॉफिटेबिलिटी और बैलेंस शीट की क्वालिटी भी महत्वपूर्ण होगी।
गडकरी ने कहा कि शिपिंग और बायोफ्यूल से बैंकों को फाइनेंसिंग के अच्छे अवसर मिलते हैं। उनका कहना था एथनॉल प्रोडक्शन की महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में काफी संभावना है।
बैंकों का अप्रैल तक माइक्रो और स्मॉल इंडस्ट्रीज को कर्ज लगभग 3.72 लाख करोड़ रुपये का था। पिछले वर्ष की तुलना में इसमें 3.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
सरकार ने MSME को कर्ज मिलने में आसानी के लिए इमरजेंसी क्रेडिट गारंटी स्कीम जैसी कुछ योजनाएं भी शुरू की हैं।

