नई दिल्ली: भारत और दुनिया भर के कारोबारियों के लिए पिछले कुछ महीने बहुत कठिन रहे हैं. हालांकि अब उनके कारोबार को बूस्ट अप मिलेगा. Standard Chartered Trade Opportunity Report की एक स्टडी के मुताबिक निर्यात कारोबारियों का भारत में सालाना निर्यात 1.5 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ सकता है और भारत से करीब 1.3 लाख करोड़ तक का निर्यात हो सकता है. यह अध्ययन भारत 10 मुख्य कारोबारी सहयोगियों के बीच व्यापार को लेकर किया गया है. अध्ययन में शामिल 10 कारोबारी सहयोगी अमेरिका, मलेशिया, इंडोनेशिया, सिंगापुर, यूके, दक्षिण कोरिया, थाइलैंड, जर्मनी, फ्रांस और वियतनाम है. रिपोर्ट के मुताबिक भारत से इन देशों के बीच करीब 2.8 लाख करोड़ रुपये के सालाना कारोबार के अवसर बन रहे हैं.
कोरोना वायरस से उपजे आर्थिक संकट के प्रभाव से अर्थव्यवस्था और कारोबारी उबरने की कोशिश कर रहे हैं. इस अध्ययन में ऐसे बाजार और सेक्टर को हाइलाइट किया गया है जहां कारोबार बढ़ाने के अवसर हैं. अध्ययन के मुताबिक भारत में अमेरिका, मलेशिया, इंडोनेशिया, सिंगापुर और यूनाइटेड किंगडम से सबसे अधिक निर्यात होगा. यहां से सालाना 47.8 हजार करोड़ रुपये का सालाना निर्यात बढ़ेगा और सबसे अधिक पोटेंशियल ग्रोथ वित्तीय सेवाएं प्रदान करने वाले सेक्टर में है.
ASEAN क्षेत्र में इंडोनेशिया, मलेशिया, सिंगापुर, थाइलैंड और वियतनाम के निर्यातकों के लिए करीब 78.5 हजार करोड़ रुपये के कारोबार का अवसर है. दक्षिण कोरिया में 2200 करोड़ के ऑटोमोटिव एक्सपोर्ट्स का अवसर है. इसके अलावा यूके, फ्रांस और जर्मनी से भी 23.5 हजार करोड़ तक का कारोबार बढ़ सकता है जिसमें 3000 करोड़ के मौके सिर्फ ऑर्गेनिक केमिकल्स सेक्टर से हैं. आसियान दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों का संगठन है जो दस दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों का समूह है. ये देश आपस में आर्थिक विकास और समृद्धि को बढ़ावा देने के अलावा इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता कायम करने के लिए भी कार्य करते हैं. इसका मुख्यालय इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में है.

