भारतीय स्टार्टअप को मिला 1.5 करोड़ डॉलर का कर्ज

वाशिंगटन: एक अमेरिकी वित्तीय संगठन ने एक भारतीय शिक्षा स्टार्टअप को 1.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर का कर्ज देने पर सहमति व्यक्त की है। इस धनराशि का इस्तेमाल भारत में निन्म आय वर्ग के छात्रों को शिक्षा देने वाले विद्यालयों को सहायता देने के लिए किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को अच्छी शिक्षा मिल सके।

यूएस इंटरनेशनल डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन (डीएफसी) ने एक बयान में कहा कि वित्त पोषण से बेंगलूरु स्थिति स्टार्टअप ‘वर्तना’ को दीर्घावधि पूंजी जुटाने में मदद मिलेगी।डीएफसी ने कहा कि ये वित्तपोषण विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे कोरोना वायरस महामारी के कारण पैदा हुए व्यवधानों से संभलने में विद्यालयों को मदद मिलेगी।

बयान में कहा गया कि कर्ज दने के अलावा वर्थना स्कूलों को डिजिटल शिक्षण उपकरण और शिक्षण विधियों को लागू करने में मदद कर रहा है ताकि छात्र महामारी के दौरान दूरस्थ शिक्षा के जरिए पढ़ाई जारी रख सकें। वर्तना की स्थापना 2012 में ब्रजेश मिश्रा और स्टीव हार्डग्रे ने की थी और यह 3,500 से अधिक विद्यालयों को सहायता उपलब्ध कराता है। ये विद्यालय मुख्य रूप से देश की कम आबादी वाले शहरों में स्थित हैं।

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